Bolo ab geet likhu kispe
गीत: तुमने श्रृंगार उतार दिया, बोलो अब गीत लिखूँ किसपे। किसको मैं चांद लिखूँ बोलो, जब भाल तुम्हारा सूना है। तुम बगिया के जब फूल नही, तो व्यर्थ तुम्हे अब छूना है। वो झील ठिठक क...
''हिर्दू कव्यशाला'' हिंदी - उर्दू के प्रचार - प्रसार के लिए गठित एक अ-व्यावसायिक संस्था है जिसके संरक्षक मशहूर शायर डा. अंसार क़म्बरी और प्रसिद्द कवि डा. कमलेश द्विवेदी हैं संस्था के संस्थापक युवा शायर शिवम् शर्मा गुमनाम एवं अध्यक्षा रश्मि द्विवेदी हैं...