Posts

Showing posts with the label abhishek audichya

Bolo ab geet likhu kispe

गीत: तुमने श्रृंगार उतार दिया, बोलो अब गीत लिखूँ किसपे। किसको मैं चांद लिखूँ बोलो, जब भाल तुम्हारा सूना है। तुम बगिया के जब फूल नही, तो व्यर्थ तुम्हे अब छूना है। वो झील ठिठक क...