Gaurav trivedi at hirdu kavyashala
ग़ज़ल: साँसें चलती हैं पर ज़िंदा थोड़ी हूँ। ख़ुश दिखता हूँ मै ख़ुश रहता थोड़ी हूँ।। मुझको जी कर भूल गई इतनी जल्दी? पगली मै इंसान हूँ लम्हा थोड़ी हूँ।। याद रखेगी जानाँ तुमको ये ...
''हिर्दू कव्यशाला'' हिंदी - उर्दू के प्रचार - प्रसार के लिए गठित एक अ-व्यावसायिक संस्था है जिसके संरक्षक मशहूर शायर डा. अंसार क़म्बरी और प्रसिद्द कवि डा. कमलेश द्विवेदी हैं संस्था के संस्थापक युवा शायर शिवम् शर्मा गुमनाम एवं अध्यक्षा रश्मि द्विवेदी हैं...