chandani pandey at hirdu

आज की मुलाक़ात देश की बेहद पसंदीदा शायरा मोहतरमा चाँदनी पाण्डेय से... चांदनी साहिबा की एक ख़ूबसूरत सी ग़ज़ल तमाम शायरी पसंद लोगों के नाम -
जले चराग़ बुझाने की ज़िद नही करते।
अब आ गए हो तो जाने की ज़िद नही करते।
किसी की आँख में आँसू हंमे पसन्द नही,
दिलो के ज़ख्म दिखाने की ज़िद नही करते।
तुम्हारे नाम का भी ज़िक्र हो न जाये कहीं,
ग़ज़ल के शेर सुनाने की ज़िद नही करते।
हमारे साये भी रस्ते में छोड़ जाते है,
हमारा साथ निभाने की ज़िद नही करते।
ख़ला में कोई इमारत कभी नही टिकती,
वहां मकान बनाने की ज़िद नही करते।
ये शहरे संग है पत्थर के लोग रहते हैं,
यहाँ पे फ़ूल खिलाने की ज़िद नही करते।
ज़मीन जैसा कहीं चाँद भी न हो जाए,
ज़मीं पे चाँद को लाने की ज़िद नही करते।
- चाँदनी पांडेय
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