Bahut khoobsurat ho tum by tahir faraz at hirdu
नज़्म : बहुत ख़ूबसूरत हो तुम... बहुत ख़ूबसूरत हो तुम... बहुत ख़ूबसूरत हो तुम... कभी मैं जो कह दूँ मोहब्बत है तुम से। तो मुझ को ख़ुदा रा ग़लत मत समझना।। कि मेरी ज़रूरत हो तुम... बहुत ख़ूबस...
''हिर्दू कव्यशाला'' हिंदी - उर्दू के प्रचार - प्रसार के लिए गठित एक अ-व्यावसायिक संस्था है जिसके संरक्षक मशहूर शायर डा. अंसार क़म्बरी और प्रसिद्द कवि डा. कमलेश द्विवेदी हैं संस्था के संस्थापक युवा शायर शिवम् शर्मा गुमनाम एवं अध्यक्षा रश्मि द्विवेदी हैं...